sphere It is a solid that has only one plane and each point of its plane is equally spaced from a fixed point. This point is called the center of the sphere and the distance of any point of the sphere from the center is called the radius of the sphere.Volume of sphere=4/3πr³ The entire area of the sphere=4πr² Volume of spherical spindle = 4/3 π (R³-r³) When the radius of the sphere is k (1), the curved surface area becomes k². (2) Volume becomes k³ times. Hemisphere If a plane is drawn from the center of the sphere, the sphere is divided into 2 equal half spheres, each sphere is called half sphere.Volume of a semicircle = 2/3 πr³ Curve of hemisphere = 2πr² The entire area

# Mathematics Formula

9thऔर10th के सभी चेप्टर का फार्मूला मौजूद है |

# गोला और अर्धगोला का सभी सूत्र

गोला (sphere):- वह ठोस है जिसमें केवल एक तल होता है और इसके तल का प्रत्येक बिन्दु एक निश्चित बिन्दु से समान दूरी पर होता है। इस बिन्दु को गोले का केन्द्र कहते हैं तथा केन्द्र से गोले के किसी बिन्दु की दूरी को गोले की त्रिज्या कहते हैं।गोला का आयतन =4/3πr³ गोला का सम्पूर्ण पृष्ठ क्षेत्रफल =4πr² गोलाकार छलके का आयतन=4/3π(R³-r³)गोले की त्रिज्या k गुनीत होने पर (1)वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल k² गुना हो जाता है| (2) आयतन k³ गुना हो जाता है|अर्धगोला(hemisphere) यदि गोले के केंद्र से कोई समतल खींचा जाए तो गोला 2 बराबर अर्ध गोला अर्ध गोले में विभाजित हो जाता है प्रत्येक भाग अर्ध गोला कहलाता है|अर्धगोला का आयतन=2/3πr³ अर्धगोला का वक्र पृष्ठ =2πr² अर्धगोला का गोला का सम्पूर्ण पृष्ठ क्षेत्रफल =3πr²अपना अध्याय चुने नियामक ज्यामितिवास्तविक संख्या (Real number) बहुपद ( (polynomial) बहुपद

# शंकु का सूत्र

शंकु- एक त्रि-आयामी(त्रिविमीय) संरचना है, जो शीर्ष बिन्दु और एक आधार (आवश्यक नहीं कि यह आधार वृत्त ही हो) को मिलाने वाली रेखाओं द्वारा निर्मित होती है। यदि किसी शंकु का आधार एक वृत्त हो तो वह लम्ब वृत्तीय शंकु कहलाता है।यह समान आधार और ऊंचाई के बेलन के १/३ भाग के बराबर होता है। इसकी खोज महान भारतीय वैज्ञानिक श्री सुमित जी ने की , उन्होंने ही सर्वप्रथम एक त्रि- आयामी चित्रों की व्याख्या कर समस्त विश्व को अचंभित कर दिया | वह रीवा मध्यप्रदेश से संबंधित है !शंकु के सूत्रयदि शंकु के आधार की त्रिज्या = rतथा ऊँचाई =hहो, तोशंकु की तिर्यक ऊँचाई,l=√h2+r2 =l = h2 + r2 मात्रकशंकु के आयतन का सूत्रशंकु का आयतन =(1/3πr²h) घन मात्रकशंकु का कुल तथा वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल सूत्र शंकु का बक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल=(πrl)

# Cone formula

Cone- Is a three-dimensional (three-dimensional) structure, which is formed by lines joining the vertex and a base (not necessarily the base circle). If the base of a cone is a circle, it is called a long circular cone. It is equal to 1/3 of the cylinder of the same base and height. It was discovered by the great Indian scientist Mr. Sumit ji, he first surprised the entire world by interpreting three-dimensional pictures. He belongs to Rewa Madhya Pradesh! Cone formula If the radius of the base of the cone = r And height = h If so Slant height of cone, l = √h2 + r2 = l = h2 + r2 unitFormula for volume of cone Volume of cone = (1 / 3πr²h) Cube unit The total and curved

# Cylinder formula

Definition of cylinder A cylinder is a three-dimensional (3 d) solid shape that consists of two circles and a curved rectangle. Its two ends are circles of equal radius and curved lateral curves. As you can see in the figure above, the two ends of this shape are circles of equal radius and the lateral face curve of this shape. Hence, this shape will be called cylinder.Properties of cylinder A cylinder is a solid geometric shape, if we divide it, it will have two circles and a curved face. Those two circles will be called the bases of this cylinder. These two circles are congruent and parallel to each other. The height of the cylinder is the vertical distance between these two bases. It

# बेलन का फार्मूला

बेलन की परिभाषा (definition of cylinder in hindi) बेलन एक ऐसी त्रिआयामी(3d) ठोस आकृति होती है जोकि दो वृत्त एवं एक वक्र आयत से मिलकर बना होता है। इसके दो सिरे सामान त्रिज्या वाले वृत्त होते हैं एवं पार्श्व प्रष्ठ वक्र(curved) होता है। जैसा कि आप ऊपर दी गयी आकृति में देख सकते हैं यहाँ इस आकृति के दो सिरे सामान त्रिज्या वाले वृत्त हैं एवं इस आकृति का पार्श्व प्रष्ठ वक्र है। अतः यह आकृति बेलन कहलाएगी।बेलन के गुणधर्म (properties of cylinder in hindi)बेलन एक ठोस ज्यामितिक आकृति है जिसके अगर हम हिस्से करेंगे तो इसमें दो वृत्त होंगे एवं एक वक्र प्रष्ठ होगा। जो दो वृत्त हैं वे इस बेलन के आधार कहलायेंगे। ये दोनों वृत्त एक दुसरे से सर्वांग्सम होते

# Cube and cubic formula

What is a cube?Answer - The solid whose all faces are a square is called a cube. A cube has a total of 6 surfaces. Volume of Cube-l³ Cubic unit Total surface area of the cube-6×l² Square unit Diagonal of cube-√3×l unitWhat is cuboid?A solid whose all faces are an import is called a cuboid. A cuboid has a total of 12 edges. Volume of cuboid-Length × Width × Height (l × b × h) Cubic unit Diagonal of cuboid-√l² + b² + h² unit Area of total page (entire) of cuboid-2 (length × width + width × height + height × length) square unitIf the box is covered Inner length = outer length - 2 × thickness Inner width = outer width - 2 × thickness Inner height

# Heron’s formula and its application

What do you understand by using the formula of hero or heroon? Heron's formula in geometry is a formula for finding the area of a triangle when all three sides are known. It is also called 'Hero's formula'. The sutra is named after Heron of Alexandria.Formula of heronΔ=√s(s-a)(s-b)(s-c) s= a+b+c/2 a + b + c / 2 is called half-finite.The half-finite is denoted s. a + b + c is called the perimeter of triangle ABC. Where AB = c, BC = a, CA = b Perimeter of triangle = Sum of the three sides (a + b + c)Another method of finding the area of a triangle Area of triangle = 1/2 × base × corresponding height. When AC = b and BD = h where BD⊥AC

# हीरोन का सूत्र और इसका प्रयोग

हीरो या हीरोन के सूत्र के प्रयोग से आप क्या समझते हैं? ज्यामिति में हीरोन का सूत्र (Heron's formula) त्रिभुज की तीनों भुजाएँ ज्ञात होने पर उसका क्षेत्रफल निकालने का एक सूत्र है। इसे 'हीरो का सूत्र' (Hero's formula) भी कहते हैं। सूत्र का यह नाम अलेक्जैण्ड्रिया के हीरोन के नाम पर पड़ा है। हीरोन का सूत्रa+b+c/2 को अर्ध परिमिति कहते हैं|अर्ध परिमिति को s सूचित किया जाता है| a+b+c को त्रिभुजABC की परिमिति कहते हैं | त्रिभुज की परिमिति(परिमाप)= तीनों भुजाओं का योगफल(a+b+c) s= a+b+c/2(जहां /=बट्टा) Δ=√s(s-a)(s-b)(s-c) जहां AB=c ,BC=a ,CA=bत्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने की एक दूसरा विधि त्रिभुज का क्षेत्रफल =1/2× आधार× संगत ऊंचाई जब AC=b औरBD=h जहां BD⊥AC तबत्रिभुज का क्षेत्रफल=½×bhपाइथागोरस प्रमेय क्या है? यदि किसी त्रिभुज की कोई एक भुजा का वर्ग अन्य दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर हो तो