Cone- Is a three-dimensional (three-dimensional) structure, which is formed by lines joining the vertex and a base (not necessarily the base circle). If the base of a cone is a circle, it is called a long circular cone. It is equal to 1/3 of the cylinder of the same base and height. It was discovered by the great Indian scientist Mr. Sumit ji, he first surprised the entire world by interpreting three-dimensional pictures. He belongs to Rewa Madhya Pradesh! Cone formula If the radius of the base of the cone = r And height = h If so Slant height of cone, l = √h2 + r2 = l = h2 + r2 unitFormula for volume of cone Volume of cone = (1 / 3πr²h) Cube unit The total and curved

# 9th

# Cylinder formula

Definition of cylinder A cylinder is a three-dimensional (3 d) solid shape that consists of two circles and a curved rectangle. Its two ends are circles of equal radius and curved lateral curves. As you can see in the figure above, the two ends of this shape are circles of equal radius and the lateral face curve of this shape. Hence, this shape will be called cylinder.Properties of cylinder A cylinder is a solid geometric shape, if we divide it, it will have two circles and a curved face. Those two circles will be called the bases of this cylinder. These two circles are congruent and parallel to each other. The height of the cylinder is the vertical distance between these two bases. It

# बेलन का फार्मूला

बेलन की परिभाषा (definition of cylinder in hindi) बेलन एक ऐसी त्रिआयामी(3d) ठोस आकृति होती है जोकि दो वृत्त एवं एक वक्र आयत से मिलकर बना होता है। इसके दो सिरे सामान त्रिज्या वाले वृत्त होते हैं एवं पार्श्व प्रष्ठ वक्र(curved) होता है। जैसा कि आप ऊपर दी गयी आकृति में देख सकते हैं यहाँ इस आकृति के दो सिरे सामान त्रिज्या वाले वृत्त हैं एवं इस आकृति का पार्श्व प्रष्ठ वक्र है। अतः यह आकृति बेलन कहलाएगी।बेलन के गुणधर्म (properties of cylinder in hindi)बेलन एक ठोस ज्यामितिक आकृति है जिसके अगर हम हिस्से करेंगे तो इसमें दो वृत्त होंगे एवं एक वक्र प्रष्ठ होगा। जो दो वृत्त हैं वे इस बेलन के आधार कहलायेंगे। ये दोनों वृत्त एक दुसरे से सर्वांग्सम होते

# घन और घनाभ का सूत्र

घन किसे कहते हैं? उत्तर -वह ठोस जिसका सभी फलक एक वर्ग होता है,उसे घन कहते है |एक घन में कुल 6 सतह होते है | घन का आयतन-(भुजा )³ घन इकाई घन के कुल पृष्ठ(सम्पूर्ण )का क्षेत्रफल-6×भुजा² वर्ग इकाई घन का विकर्ण-√3×भुजा इकाई घनाभ किसे कहते हैं?वह ठोस जिसका सभी फलक एक आयात होता है,उसे घनाभ कहते है |एक घनाभ में कुल 12किनारे होते है | घनाभ का आयतन-लम्बाई ×चौड़ाई ×उचाई (l×b×h) घन इकाई घनाभ का विकर्ण-√l²+b²+h² इकाई घनाभ के कुल पृष्ठ(सम्पूर्ण )का क्षेत्रफल-2(लम्बाई ×चौड़ाई+चौड़ाई ×उचाई +उचाई×लम्बाई) वर्ग इकाई यदि संदूक ढकनदार हो तो भीतरी लम्बाई= बाहरी लम्बाई-2× मोटाईभीतरी चौड़ाई =बाहरी चौड़ाई -2× मोटाईभीतरी उचाई=बाहरी उचाई -2× मोटाई यदि संदूक बिना ढकनदार हो तो भीतरी लम्बाई= बाहरी लम्बाई-2× मोटाईभीतरी चौड़ाई =बाहरी चौड़ाई -2× मोटाईभीतरी उचाई=बाहरी उचाई - मोटाई यदि घन या घनाभ

# Formula related to Co-Ordinate Geometry

# नियामक ज्यामिति(Co-Ordinate Geometry) से संबधित फार्मूला

# Factorization of Polynomials Formula

Factorization of Polynomials Formula 1 (a+b)²=a²+b²+2ab 2(a+b)²=(a+b)(a+b) 3(a-b)²=a²+b²-2ab 4(a-b)²=(a+b)(a-b) 5(a+b+c)²=a²+b²+c²+2ab+2bc+2ca 6(a+b+c)²=(a+b+c)(a+b+c) 7(a+b)³=a³+b³+3ab(a+b) 8(a+b)³=a³+b³+3a²b+3ab² 9(a-b)³ = a³-b³-3a²b+3ab² 10(a-b)³ = a³-b³-3ab(a-b) 11 a²+b²=(a-b)²+2ab 12(a+b)²=(a-b)²+4ab 13(a-b)²=(a+b)²-4ab 14 a³-b³=(a-b)(a²+b²+ab) 15 a³+b³=(a+b)(a²+b²-ab) 16 a³+b³+c³-3abc=(a+b+c)(a²+b²+c²-ab-bc-ca) 17 a³+b³+c³-3abc=½(a+b+c)(a-b)²+(b-c)²+(c-a)² 18 (x+a)(x+b)=x²+(a+b)x+abChoose your lesson real number? polynomial?

# बहुपद के गुणनखंड (Factorization of Polynomials) का फार्मूला

बहुपद के गुणनखंड (Factorization of Polynomials) का फार्मूला 1 (a+b)²=a²+b²+2ab2(a+b)²=(a+b)(a+b)3(a-b)²=a²+b²-2ab4(a-b)²=(a+b)(a-b)5(a+b+c)²=a²+b²+c²+2ab+2bc+2ca6(a+b+c)²=(a+b+c)(a+b+c)7(a+b)³=a³+b³+3ab(a+b)8(a+b)³=a³+b³+3a²b+3ab²9(a-b)³ = a³-b³-3a²b+3ab²10(a-b)³ = a³-b³-3ab(a-b)11 a²+b²=(a-b)²+2ab12(a+b)²=(a-b)²+4ab13(a-b)²=(a+b)²-4ab14 a³-b³=(a-b)(a²+b²+ab)15 a³+b³=(a+b)(a²+b²-ab)16 a³+b³+c³-3abc=(a+b+c)(a²+b²+c²-ab-bc-ca)17 a³+b³+c³-3abc=½(a+b+c)(a-b)²+(b-c)²+(c-a)²18 (x+a)(x+b)=x²+(a+b)x+ab अपना अध्याय चुने वास्तविक संख्या (Real number) बहुपद ( (polynomial)

# What is a real number?

What is a real number? We call a group of rational numbers and irrational numbers a real number or in other words we can say that a square whose square is always a positive number is called a real number. We understand this with the example given below- Exp- 2/3, 4.5, -9, -5.6, 5√3, 75√3 etc. are examples of real numbers. But √-3 is not an example of real numbers! There are 2 types of real numbers. (1) Rational number: - The number which can be expressed as p / q. Are called rational numbers. But the numbers are zero. They are not rational numbers. Exp-1, 3, 4, 3/4, 6/7, 2/3, 4.5, -9, -5.6 etc. (2) Irrational number: - The number which cannot be expressed as

# बहुपद क्या है?( (polynomial) +all फॉर्मूला

⇒बहुपद( (POLYNOMIAL) क्या है? चर एबं अचर, के पदों समूह को बहुपद कहा जाता है। जैसे-x²+2x+2 ⇒बहुपदो का वर्गीकरण( Classification of Polynomial):-(a)एकपद अथवा एकपदी बहुपद (Monomial):- जिस व्यंजक में केवल 1 पद होता है उसे एकपदी बहुपद कहते हैं। जैसे-9x, 2x,7x², 4 etc (b) द्विपद अथवा द्विपदी बहुपद(Binomial):- जिस व्यंजक में केवल 2 पद होता है उसे एकपदी बहुपद कहते हैं। जैसे-7x²+2, 3-8x etc (c)त्रिपद अथवा त्रिपदी बहुपद(Trinomial):- जिस व्यंजक में केवल 3 पद होता है उसे एकपदी बहुपद कहते हैं। जैसे-7x²+2x -3, 3x³-8x+2 etc (d)शून्य बहुपद (Zero Polynomial):-जिस बहुपद के सभी गुणांक शून्य हो, उसे शून्य(0) बहुपद कहते हैं| जैसे-0.x²-o.x+0 etc शून्य का बहुपद का घात अनिर्धार्य होता है | ⇒बहुपदो में प्रयुक्त चरों के घातांक के आधार पर बहु पदों का वर्गी करण (a)रैखिक बहुपद(Linear polynomial):- जिस बहुपद की अधिकतम घात 1 हो। रैखिक