CAA विरोध के बीच शरणार्थियों को चिन्हित करने में जुटी योगी सरकार

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CAA विरोध के बीच शरणार्थियों को चिन्हित करने में जुटी योगी सरकार

यूपी के गृह विभाग ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने के बाद सालों तक राज्य में रह रहे शरणार्थियों की पहचान करने के लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है। नरेंद्र मोदी सरकार ने हाल ही में नागरिकता संशोधन अधिनियम पेश किया है, जिसके तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 6 धर्म शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान है।

  • नागरिकता देने की प्रक्रिया यूपी में शुरू
  • शरणार्थियों की लिस्ट बनाने का आदेश

एक तरफ नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध है और दूसरी तरफ भाजपा डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान में लगी हुई है। इन सबके बीच, उत्तर प्रदेश में सीएए के तहत आने वाले शरणार्थियों की पहचान करने और उन्हें सूचीबद्ध करने के लिए योगी सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं। हालांकि सरकार द्वारा कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन गृह विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को शरणार्थियों की पहचान करने के लिए कहा है।

उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह उन शरणार्थियों को चिन्हित करें, जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आकर सूबे में वर्षों से रह रहे हैं. नरेंद्र मोदी सरकार हाल ही में नागरिकता संशोधन कानून लेकर आई है, जिसके तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए 6 धर्म के शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान है.

नागरिकता प्रदान करने की सीएए प्रक्रिया के तहत शरणार्थियों की सूची बनाई जा रही है ताकि शरणार्थियों की सूची कानून के दायरे में आने वालों को कानूनी नागरिकता प्रदान करने के लिए केंद्रीय गृह विभाग को भेजी जाए। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, सहारनपुर, रामपुर, शाहजहाँपुर, हापुड़, बरेली, नोएडा और गाजियाबाद जिलों में शरणार्थियों की संख्या काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए मुस्लिम समुदाय के लोगों को भी नागरिकता देने का प्रावधान नहीं है. ऐसे में उन्हें भी चिन्हित कर सूचीबद्ध किया जाएगा और यह जानकारी भी केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी. दरअसल, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए शरणार्थियों की संख्या सूबे में काफी होगी, जबकि अफगानिस्तान से आने वालों की संख्या काफी कम है.

भारतीय जनता पार्टी ने नागरिकता संशोधन कानून पर जनसमर्थन जुटाने और लोगों को इसके बारे में समझाने के लिए रविवार से देशभर में जनजागरण अभियान शुरू किया. इसके तहत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में चौधरी कैफुलवरा से मुलाकात की. मुख्यमंत्री योगी, चौधरी कैफुलवरा की दुकान पर पहुंचे और उन्हें नागरिकता संशोधन कानून के बारे में बताया और समझाया.

सीएम योगी ने चौधरी कैफुलवरा को बताया कि नागरिकता संशोधन कानून का भारत के मुस्लिमों से कोई लेना देना नहीं है. योगी आदित्यनाथ ने चौधरी को बताया कि यह काननू नागरिकता देने के लिए है न कि किसी की नागरिकता छीनने के लिए. सीएम ने कैफुलवरा को नागरिकता संशोधन कानून से संबंधित एक बुकलेट भी भेंट की.

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